हाल ही में Google के इंटरनल डॉक्यूमेंट्स और कुछ Grok Chats Leaks सामने आए हैं, जिनमें OpenAI के प्रतिद्वंदी Grok AI (जो X यानी Twitter के प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ा है) से यूज़र्स की अजीबोगरीब डिमांड्स देखी गईं। इन रिक्वेस्ट्स ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है, क्योंकि कई चैट्स में यूज़र्स ने ड्रग्स बनाने, बम बनाने और यहां तक कि एलन मस्क को मारने जैसे खतरनाक सवाल पूछे।
ये Grok Chats Leaks दिखाते हैं कि AI का इस्तेमाल अच्छे कामों के साथ-साथ गलत कामों में भी हो सकता है। और यही वजह है कि सरकारें, टेक कंपनियां और साइबर एक्सपर्ट्स अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं।

Grok AI क्या है और लोग इससे क्या पूछ रहे थे?
Grok AI को एलन मस्क ने X (Twitter) के लिए बनाया था ताकि ये ChatGPT जैसे स्मार्ट असिस्टेंट का काम करे। इसका मकसद था – यूज़र्स को तुरंत, सही और मजेदार जवाब देना।
लेकिन इन लीक्ड चैट्स में देखा गया कि लोग Grok से ऐसी चीज़ें पूछ रहे थे जो बेहद खतरनाक हैं।
- किसी ने ड्रग्स बनाने का फॉर्मूला माँगा
- किसी ने बम बनाने की जानकारी चाही
- और कुछ ने तो सीधे-सीधे एलन मस्क की हत्या की प्लानिंग तक पूछ डाली
ये सब पढ़कर साफ होता है कि लोग AI की ताकत को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।
Grok Chats Leaks क्यों और कैसे हुआ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक ये लीक Google की सर्च और इंटरनल सिस्टम्स से जुड़ा है। यानी Google के पास जो AI चैट्स का डेटा था, उसमें से ये जानकारी बाहर आ गई।
ये कोई छोटा मामला नहीं है, क्योंकि इससे दो बड़े खतरे सामने आते हैं:
- AI का दुरुपयोग – जब लोग ऐसी खतरनाक रिक्वेस्ट कर रहे हैं, तो ये टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल है।
- प्राइवेसी का खतरा – अगर चैट्स लीक हो सकती हैं, तो किसी भी यूज़र का डेटा सुरक्षित नहीं है।

हर साल ऐसे कितने मामले सामने आते हैं?
AI से जुड़ी मिसयूज़ रिपोर्ट्स तेजी से बढ़ रही हैं। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार:
- हर साल हजारों मामले ऐसे आते हैं जिनमें AI को हैकिंग, स्कैमिंग और फेक कंटेंट बनाने के लिए यूज़ किया जाता है।
- सिर्फ 2024 में ही AI-generated scams से अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है।
- और अब Grok चैट्स का लीक इस खतरे को और साफ कर देता है।
सरकार और टेक कंपनियों की चिंता
ये लीक सामने आने के बाद सरकारें और टेक कंपनियां अलर्ट हो गई हैं। कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि:
- AI पर सख्त रेगुलेशन (कानून) लाने की जरूरत है।
- हर AI कंपनी को सख्त सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो करना चाहिए।
- यूज़र्स को भी समझना होगा कि AI कोई खिलौना नहीं है, इसका गलत इस्तेमाल खतरनाक साबित हो सकता है।
क्या Grok या ChatGPT जैसे AI खतरनाक हैं?
असल में AI खुद खतरनाक नहीं है। असली खतरा तब पैदा होता है जब इंसान इन्हें गलत मकसद से इस्तेमाल करता है।
सोचो, चाकू एक किचन टूल है – उससे सब्जी भी कट सकती है और किसी को चोट भी लग सकती है। ठीक वैसे ही AI भी है।
- अगर सही इस्तेमाल करो तो ये एजुकेशन, हेल्थ, बिजनेस और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ा सकता है।
- लेकिन गलत इस्तेमाल करो तो ये बम बनाने से लेकर झूठी खबरें फैलाने तक सब कर सकता है।

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सोशल मीडिया पर रिएक्शन
जब ये लीक सामने आया, तो सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ दीं:
- कुछ लोग मजाक में कह रहे थे कि “एलन मस्क को खुद अपने AI से डरना पड़ेगा”।
- कुछ ने इसे टेक्नोलॉजी का काला सच बताया।
- वहीं एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि ये घटना AI रेगुलेशन को और तेज़ी से लागू करवाएगी।
निष्कर्ष:
Grok Chats Leaks हमें एक बड़ा सबक देता है – टेक्नोलॉजी जितनी ताकतवर होगी, उतनी ही जिम्मेदारी के साथ उसे संभालना होगा। AI इंसानों की जिंदगी आसान बना सकता है, लेकिन अगर इसे गलत दिशा दी गई तो ये खतरनाक भी हो सकता है। इसलिए सरकार, टेक कंपनियां और आम यूज़र्स – सभी को मिलकर जिम्मेदारी उठानी होगी।
अस्वीकरण:
Grok Chats Leaks यह आर्टिकल केवल जानकारी और न्यूज़ रिपोर्टिंग के लिए है। इसमें बताए गए सारे उदाहरण और बातें इंटरनेट पर उपलब्ध लीक और रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। हमारा मकसद किसी भी तरह की खतरनाक गतिविधि को बढ़ावा देना नहीं है।